JEE mains और JEE advanced क्या है?

यदि आप एक विद्यार्थी हैं 11वीं और 12वीं में पढ़ते हैं और pcm stream ले रखी है। तो आपने jee mains और JEE advanced का नाम सुना होगा। Pcm stream के जो बच्चे आईआईटी करना चाहते हैं वह JEE mains और JEE advanced क्या है? जानना चाहते होंगे। इंजीनियरिंग लाइन में जाने वाले अधिकतर बच्चे जेई का एग्जाम देते हैं।

अब बात आती है जो बच्चे 11 या 12 वीं में है या जिन्होंने हाल ही में दसवीं पास की है। उन्हें जेई मेन और जेई एडवांस के बारे में जानना बेहद जरूरी है अगर वह इंजीनियरिंग में जाना चाहते हैं तो। जेई के एग्जाम बहुत कॉम्पिटेटिव होते हैं जिसमें कुछ पास होते हैं और कुछ को निराशा हासिल होती है। इसी को देखते हुए आज मैं आपको JEE mains और JEE advanced क्या है? Jee का एग्जाम कब होता है और इसे कौन दे सकता है? इन सभी सवालों के जवाब दूंगा।

Introduction 

हर एक विद्यार्थी अपना अच्छा कैरियर बनाने के लिए लगा रहता है लेकिन किसी ना किसी वजह से वह सफल नहीं हो पाता है। लेकिन आज हम यहां पर कमियां निकालने नहीं बल्कि JEE mains और JEE advanced क्या है? इसके बारे में जानने आए हैं। तो आपको यह तो पता होगा कि jee का एग्जाम इंजीनियर बनाने के लिए होता है।

लेकिन क्या आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी है अगर नहीं है तो यह लेख आपके लिए ही है। जेई का एग्जाम कौन दे सकता है? जेई का एग्जाम कब होता है? जेई का एग्जाम क्यों लिया जाता है? यह सब हम इस लेख में जानेंगे। तो चलिए बिना देर किए हम JEE mains और JEE advanced क्या है? इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

Noise for voice आज आपके लिए JEE mains और JEE advanced क्या है? इससे संबंधित लेख लाया है। यदि आप एक विद्यार्थी है या जेई एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

1. JEE mains और JEE advanced क्या है? 

• JEE mains:- दोस्तों यही का एग्जाम है एक एंट्रेंस एग्जाम होता है इसे NTA यानी national testing agency द्वारा कराया जाता है। Jee main का exam नेशनल लेवल पर आयोजित होता है इसमें लगभग 150000 बच्चों का चयन होता है। जेई का एग्जाम इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला करवाने के लिए होता है और यह साल में दो बार आयोजित कराया जाता है। यदि आप इंजीनियर बनाना चाहते हैं तो आपको पहले जेईई का एग्जाम पार करना होगा। जेई का एग्जाम देने के बाद आपको इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला मिल सकता है। इसके अलावा जेई एडवांस भी इससे कुछ संबंध रखता है चलिए जानते हैं।

• JEE advanced:- दोस्तों जेईई एडवांस भी एक तरह का एंट्रेंस एग्जाम है लेकिन यह जेई एग्जाम से अलग है। आपको इसके नाम से ही थोड़ा पता चल गया होगा कि इसमें कुछ तो अलग है। जेई एडवांस भी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला के लिए होता है। लेकिन जेईईमेन जहां आईआईटी और दूसरे अन्य स्थानीय कॉलेजेस में दाखिला करवाती है। वहां जेई एडवांस भारत के टॉप आईआईटी इंजीनियरिंग कॉलेजेस मैं दाखिला करवाती है। जेई एडवांस में हाई परसेंटेज होने पर ही दाखिला मिल सकता है। इसमें भी 150000 बच्चों का चयन होता है और भारत के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला होता है।

2. Jee exam कब होता है? और इसे कौन दे सकता है? 

• JEE का एग्जाम कब होता है? 

दोस्तों जेई का एग्जाम 12वीं की परीक्षा होने के और रिजल्ट आने के बाद आता है। यानी मई के लास्ट और जून के शुरू के सप्ताह में जेई का एग्जाम शुरू होने लगते हैं। सबसे पहले जेई मेन का एग्जाम कंडक्ट करवाया जाता है और जेई मेन का रिजल्ट आने के बाद जेईई एडवांस का एग्जाम कंडक्ट कराया जाता है।

दोनों के एग्जाम का रिजल्ट आने के बाद आपको कॉलेजेस में दाखिला मिलता है। जेई का एग्जाम साल में दो बार होता है और इसमें एक और चीज है। Gen और obc :- 75% से अधिक और sc, st वालों को 65% की जरूरत होती है जेई का एग्जाम देने के लिए। वैसे तो इसमें कोई निर्धारित प्रतिशत नहीं बताया है आपकी जितनी अच्छी परसेंटेज उतना ही ए चांस आपके दाखिले का होता है।

• Jee का एग्जाम कौन कौन दे सकता है?

जेई का एग्जाम 12वीं के science side math के विद्यार्थी दे सकते हैं। यदि आपको जेईई का एग्जाम देना है तो आपको दसवीं के बाद 11वीं में साइंस साइड मैथ यानी physics, chemistry, maths, (PCM) लेनी होगी। 12वीं कक्षा में आपको अच्छे प्रतिशत लाने होंगे जो कि आपको आगे चलकर दिक्कत ना आए और आपका दाखिला आसानी से हो जाए।

• विद्यार्थियों को ध्यान देने वाली बात

जैसा कि मैंने आपको बताया कि एग्जाम में कुछ बच्चे पास हो जाते हैं और कुछ को निराशा होती है। जो बच्चे पहले चरण के एग्जाम में सफल नहीं हो पाते वह निराश ना हो। क्योंकि आप दूसरे चरण का भी एग्जाम attempt कर सकते हैं। यदि आप एग्जाम में सफल ना हो पाए और अपने आप को कोसने लगे तो यह करना गलत है।

क्योंकि जो बच्चे पहले चरण में सफल हो जाते हैं उन्हें एग्जाम कैसा आएगा इसका आईडिया होता है। जो बच्चे पहले चरण में सफल नहीं हो पाते वह दूसरे चरण में 99% सफल हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें एग्जाम pattern कैसे आएगा यह पता चल जाता है और आप अच्छे से एग्जाम देते हैं।

Conclusion

दोस्तों इस लेख में मैंने आपको JEE mains और JEE advanced क्या है? इसके बारे में पूरी जानकारी दे दी है। यदि इस लेख में आपको कुछ समझ ना आया हो या किसी विषय को समझने में दिक्कत हुई हो कमेंट के जरिए बता सकते हैं। इसलिए संबंधित अगर आप कोई प्रश्न करना चाहते हैं तो उसे भी कमेंट के जरिए कर सकते हैं। मैं आशा करता हूं कि यह लेख आपको समझ आया होगा और आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ होगा।

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