Bounce rate क्या है? Bounce rate कैसे कम करें?

यदि आप एक ब्लॉगर हैं या एक वेबसाइट ओनर हैं तो आपको बाउंस रेट के बारे में पता होना चाहिए। अगर आपको नहीं पता कि bounce rate क्या है? तो आप सही जगह पर आए हैं। इसलिए कि मैं आपको bounce rate क्या है?और बाउंस रेट कैसे कम करें? यह जानने को मिलेगा। अधिकतर ब्लॉगर अपने बाउंस रेट को लेकर चिंतित रहते हैं। यदि आपको ब्लॉगिंग में कैरियर बनाना है तो आपको इसके बारे में पता होना चाहिए।

क्योंकि बाउंस रेट वेबसाइट के लिए किसी जोंक से कम नहीं है। आज के समय में जितने भी ब्लॉगर हैं वह बाउंस रेट पर बराबर ध्यान देते हैं। अगर आप bounce rate क्या है? Bounce rate कैसे कम करें? यह जानना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें। तो दोस्तों noise for voice आज आपके लिए बाउंस रेट से संबंधित लेख लाया है। तो बिना किसी देर के जानते हैं बाउंस रेट क्या है:-

1. Bounce rate क्या है? 

दोस्तों बाउंस रेट को हम seo से संबंधित कह सकते हैं क्योंकि यह seo में भी काम करता है। इसका डाटा गूगल एनालिटिक्स द्वारा पता चलता है बाउंस रेट का सारा डाटा गूगल एनालिटिक्स में देख सकते हैं। इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं:- यदि आपने अपने ब्लॉग पर कोई पोस्ट लिखकर पब्लिश करी वह गूगल में रैंक भी हो रही है।

अब कोई व्यक्ति उस पोस्ट से संबंधित कोई जानकारी गूगल में सर्च करेगा। तो आपकी पोस्ट गूगल में रैंक हुई है तो वह यूज़र आप की पोस्ट पर क्लिक करेगा। यदि आपको कंटेंट अच्छा है और यूजर को उसमें अपने प्रश्न का उत्तर देखने को मिलेगा। तो वह यूज़र आपकी साइट पर बना रहेगा यदि उसके प्रश्न का उत्तर आपकी पोस्ट में नहीं मिला तो वह वापस लौट जाएगा।

पोस्ट में से यूजर के वापस लौटने से बाउंस रेट बढ़ जाता है जो कि ऐसा नहीं होना चाहिए। यदि आपकी साइट का बाउंस रेट बढ़ जाता है। तो गूगल की नजरों में आपकी साइट की अथॉरिटी कम होने लगती है। जिससे आपकी वेबसाइट के परफॉर्मेंस कम हो जाती है जो कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा बाउंस रेट दूसरे तरह से भी बढ़ सकता है इसे समझते हैं बाउंस रेट आपके उन विजिटर्स को दर्शाता है।

जोकि किसी पोस्ट पर क्लिक किए बिना आपके होम पेज से ही वापस चले गए। इसे समझते हैं मान लीजिए आपकी वेबसाइट का बाउंस रेट 20% दिखा रहा है। तो 20% ऐसे लोग हैं जिन्होंने आपकी पोस्ट पर समय व्यतीत नहीं करा है यह वह आपकी साइट के होम पेज से ही वापस चले गए।

2. Bounce rate का आने का कारण

वैसे तो बाउंस रेट होने के कारण बहुत से हो सकते हैं लेकिन मैं आपको कुछ ऐसे मेन तरीके बताऊंगा। जिसमें अधिकतर लोग गलती करते हैं और उनका बाउंस रेट बढ़ जाता है।

• सबसे पहले कंटेंट आता है क्योंकि कंटेंट इज किंग यदि आपका कंटेंट लोगों को पसंद आता है। तो आपकी वेबसाइट की परफॉर्मेंस बढ़ जाती है। यदि आपके कंटेंट में दम है और आपके कंटेंटमेंट फॉरमेशन वाली चीजें हैं जिससे यूजर इंटरेक्ट हो पाए। तो यूजर आप की पोस्ट पर बना रहेगा और पूरी पोस्ट पढ़कर जाएगा जिससे आपकी साइट का बाउंस रेट कम होगा। यदि आप अपने कंटेंट में इंफॉर्मेशन वाली चीजें ना लिखकर दूसरी चीजें लिखते हैं। जो उस कंटेंट से संबंधित नहीं है तो यूजर आपका कंटेंट पूरा पढ़े बिना वापस चला जाएगा जिससे आपका बाउंस रेट बढ़ जाएगा।

• दूसरी वजह है वेबसाइट की लोडिंग टाइम यदि आपकी वेबसाइट की लोडिंग स्पीड सही नहीं है तो इससे भी आपको हानि हो सकती है। क्योंकि यूजर को उस कंटेंट से संबंधित और भी कंटेंट गूगल में देखने को मिल जाएंगे। यदि आपकी साइड की लोडिंग स्पीड सही नहीं है तो यूज़र आपकी साइट से वापस चला जाएगा जिससे आपका बाउंस रेट बढ़ जाएगा।

• तीसरी चीज है वेबसाइट की थीम और टेंप्लेट यदि आपकी वेबसाइट पर ऐसे टेंप्लेट या तीन लगी है। जिससे कंटेंट को पढ़ने में दिक्कत होती है तो इस वजह से भी आपका बाउंस रेट बढ़ सकता है। कंटेंट सही से ना दिखने की वजह से या कंटेंट पढ़ने में परेशानी होने की वजह से यूजर जल्दी वापस चले जाते हैं।

• दोस्तों अब आता है कीवर्ड इसमें बहुत से लोग गलती करते हैं। बहुत से लोग हैं जो कि वर्ड कुछ लिखते हैं और कंटेंट में कुछ लिखते हैं। केवट के अनुसार कंटेंट ना होने के कारण यूजर आपके पेज पर सेकंड के लिए भी नहीं रुकेगा। यदि कीवर्ड के अनुसार आपके पेज पर कंटेंट उपलब्ध नहीं है। तो यूजर तुरंत वापस हो जाएगा जिससे आपकी साइट का बाउंस रेट बढ़ सकता है।

3. Bounce rate को कैसे कम करें?

दोस्तों अपनी वेबसाइट का बाउंस रेट कैसे कम करें? यहां मैंने प्रश्न उत्तर के माध्यम से देने की कोशिश की है। बाउंस रेट कम करने के तरीके निम्नलिखित हैं:-

1. Unique content से bounce rate को कैसे कम करें?

अगर आप अपनी वेबसाइट के कंटेंट की क्वालिटी पर ध्यान देंगे तो आपकी साइट का बाउंस रेट कम हो सकता है। कहने का मतलब है कि आप अपने कंटेंट मैं अच्छी इंफॉर्मेशन देते हैं और कंटेंट को सही ढंग से लिख कर बिना कॉपी करें पोस्ट करें। तो यूजर आपके पेज पर बना रहेगा और पूरा आर्टिकल पढ़कर वापस जाएगा।

2. Website की loading time से बाउंस रेट कैसे कम करें?

दोस्तों अगर आपको अपना बाउंस रेट कम करना है तो अपनी वेबसाइट की लोडिंग टाइम को सही करना होगा। यदि आपकी साइट की लोडिंग स्पीड सही होगी तो यूजर आपकी साइट पर दोबारा आना पसंद करेगा। यदि आपकी साइट की लोडिंग टाइम सही नहीं है तो वह आपकी साइट पर दोबारा नहीं आएगा।

3. Theme और वेबसाइट की टेंपलेट से बाउंस रेट कैसे कम करें?

जैसा कि मैंने आपको बताया जी टेंपलेट या theme की वजह से लिखा हुआ कंटेंट समझ नहीं आता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि खराब थीम या टेंपलेट की वजह से लिखा हुआ कंटेंट पूरा या साफ साफ नहीं दिखता है। जिसकी वजह से यूजर को कंटेंट पढ़ने में परेशानी होती है जिससे वह उस वेबसाइट से वापस चला जाता है। आपको अपनी वेबसाइट में एक रिस्पांसिबल टेंपलेट यतीम लगानी चाहिए।

4. Interlink के प्रयोग से बाउंस रेट कैसे कम करें?

इंटरलिंक के प्रयोग से आप अपना बाउंस रेट कम कर सकते हैं। आप अपने पोस्ट में दूसरे पोस्ट का लिंक डाला करें जिसे यूजर पढ़कर आपके दूसरे पोस्ट पर पहुंच जाता है। उस पोस्ट पर यूजर समय बिताता है तो आपका बाउंस रेट काफी हद तक कम हो सकता है।

Conclusion

मुझे आशा है कि इस लेख में बताई गई सारी चीजें आपको समझ में आ गई होंगी। Bounce rate क्या है? Bounce rate कैसे कम करें? यह मैंने आपको इस लेख में विस्तार पूर्वक बताया है। यदि फिर भी आपको इस लेख में कुछ समझ ना आया हो या

इस लेख से संबंधित कोई सवाल जवाब करना हो तो कमेंट के जरिए कर सकते हैं। यदि आपको इस साइट की पोस्ट में हमारी द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए मददगार साबित हुई। तो इस साइड को फॉलो कर ले आपको यहां टेक्नोलॉजी से संबंधित और भी कई पोस्ट पढ़ने को मिलेंगी।

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